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Date of publication : 2/10/2016 17:30
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इमाम हुसैन अ. अहलेसुन्नत की किताबों की रौशनी में

इमाम हुसैन अ. की सहनशीलता

इमाम ज़ैनुल आबेदीन अली इब्ने हुसैन अ. फ़रमाते हैं कि मैंने इमाम हुसैन को कहते हुए सुना है कि "अगर कोई मेरे दाहिने कान में मुझे बुरा भला कहे और दूसरे कान से माफ़ी मांग ले तो मैं उसे माफ़ कर दूंगा



इमाम हुसैन अ. की सहनशीलता
1.    इमाम ज़ैनुल आबेदीन अली इब्ने हुसैन अ. फ़रमाते हैं कि मैंने इमाम हुसैन को कहते हुए सुना है कि "अगर कोई मेरे दाहिने कान में मुझे बुरा भला कहे और दूसरे कान से माफ़ी मांग ले तो मैं उसे माफ़ कर दूंगा क्योंकि अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली अ. ने मुझसे रसूले इस्लाम स.अ. की एक हदीस बयान की है कि आपने फ़रमायाः(لا یَرِدُ الْحَوْضَ مَنْ لَمْ یَقْبَلِ الْعُذرَ مِنْ مُحِقٍّ اَوْ مُبْطِل)ऐसा इंसान हौज़े कौसर पर नहीं पहुंच सकता जो दूसरों की माफ़ी और क्षमायाचना को स्वीकार न करे चाहे वह सही हो या ग़ल्ती पर हो। (नज़्म दुररुस सिमतैन ज़रदी पेज 209)2.    आपके किसी ग़ुलाम ने ऐसा काम अंजाम दिया जिसकी कारण वह सजा का हकदार था हज़रत ने उसे सज़ा देने का हुक्म दिया ग़ुलाम ने कहा कि अल्लाह तआला फ़रमाता है: (وَالْكَاظِمِينَ الْغَيْظَ) हज़रत ने आदेश दिया कि उसे छोड़ दो मैंने गुस्से पर कंट्रोल कर लिया है, ग़ुलाम ने दोबारा कहाः (وَالْعَافِينَ عَنِ النَّاسِ) हज़रत ने फ़रमाया मैंने माफ़ किया ग़ुलाम ने फिर कहाः (وَاللّهُ يُحِبُّ الْمُحْسِنِينَ) हज़रत ने कहा जा तुझे ख़ुदा की राह में आज़ाद कर दिया और आपने यह भी हुक्म दिया कि उसे अच्छा सा इनाम दिया जाएगा।
 (वसीलतुल मआल हज़रमी पेज 183)


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