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Code : 87896
Date of publication : 22/11/2015 18:15
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सऊदी अरब ISIL का क़ानूनी संरक्षकः न्यूयार्क टाइम्स

न्यूयार्क टाइम्स ने सऊदी अरब को आईएसआईएल का क़ानूनी संरक्षक बताया है।

विलायत पोर्टलः न्यूयार्क टाइम्स ने सऊदी अरब को आईएसआईएल का क़ानूनी संरक्षक बताया है। इस अखबार ने अपने एक लेख में लिखा है कि आईएसआईएल और सऊदी अरब के बीच संपर्क को अनदेखा करते हुए पश्चिम, सऊदी अरब को अब भी अपना घटक बनाए हुए है। हालांकि वह इस तरह का दिखावा करता है कि वह इस विषय को कोई महत्व नहीं देता सऊदी अरब ही चरमपंथी विचारधारा वहाबियत का मुख्य समर्थक है। कमाल दाऊद ने अपने लेख में बताया है कि आईएसआईएल के दो रूप हैं सफ़ेद और काला। आईएसआईएल का काला रूप वह है जो हत्याएं करता है, हाथ-पैर काट देता है, गले काटता है, सांस्कृतिक धरोहरों को बर्बाद करता है, महिलाओं को बंदी बनाकर उनका शोषण करता है और इसी तरह की क्रूर और हिंसक कार्यवाहियां करता रहता है जबकि आईएसआईएल का दूसरा रूप वह है जो सफ़ेदपोश है जबकि काम वही करता है जो आईएसआईएल करता है। पश्चिम, पहले वाले आईएसआईएल के विरुद्ध संघर्ष करता है जबकि उसके दूसरे रूप के साथ दोस्ताना ढंग से रहता है। इस लेख में कहा गया है कि अरब दुनिया में जवान पीढ़ी आतंकवादी पैदा नहीं होती बल्कि वहाबी फ़त्वों की वजह से ऐसा होता है। न्यूयार्क टाइम्स के लेखक कमाल दाऊद कहते हैं कि आईएसआईएल की मां तो वही है जिसने इराक़ पर हमला किया जबकि आईएसआईएल का क़ानूनी बाप सऊदी अरब या वहाबी सोच है। वह लिखते हैं कि पश्चिम अगर इस बात को समझ जाए तो वह आईएसआईएल के विरुद्ध जंग में जीत जाएगा जबकि ऐसा न करने की स्थिति में वह आईएसआईएल से जंग हारेगा। इसकी ख़ास वजह यह है कि सिर्फ़ चरमपंथियों को मारने से चरमपंथ का सफ़ाया नहीं होगा बल्कि उस सोच या विचार को ख़त्म करना होगा जो चरमपंथ तथा आतंकवाद को जन्म दे रही है।
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तेहरान रेडियो


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