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Code : 89096
Date of publication : 10/12/2015 20:56
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सऊदी अरब सीरिया संकट के समाधान में सबसे बड़ी रूकावट।

सीरियाई सरकार के विरोधियों को उम्मीद है कि वह सऊदी अरब के समर्थन के साथ रियाद सम्मेलन में दमिश्क की कानूनी सरकार के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बना सकेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य अगले दो हफ्तों के दौरान न्यूयॉर्क में बुलाई जाने वाले सम्मेलन से पहले सीरिया की सरकार के विरोधियों को लुभाना है।



विलायत पोर्टलः सीरिया संकट के राजनीतिक समाधान के लिए एक ओर अंतर-राष्ट्रीय प्रयास जारी हैं तो दूसरी ओर सऊदी अरब की राजधानी रियाद में सीरिया की सरकार के विरोधियों का सम्मेलन शुरू हो गया है। सऊदी अरब, क़तर और तुर्की सहित दमिश्क सरकार के विरोधी आतंकवादियों का प्रमुख क्षेत्रीय समर्थक है। सऊदी सरकार रियाद में सीरिया की सरकार के विरोधियों का सम्मेलन बुला कर उनके दृष्टिकोणों को करीब लाकर सीरिया की सरकार से बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल तैयार करना चाहती है। सीरियाई सरकार के विरोधियों को उम्मीद है कि वह सऊदी अरब के समर्थन के साथ रियाद सम्मेलन में दमिश्क की कानूनी सरकार के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बना सकेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य अगले दो हफ्तों के दौरान न्यूयॉर्क में बुलाई जाने वाले सम्मेलन से पहले सीरिया की सरकार के विरोधियों को लुभाना है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार रियाज सम्मेलन के बाद दमिश्क सरकार के विरोधी, सऊदी अरब के सहयोग से बश्शार असद की सरकार के साथ अपनी आगामी बैठक का एजेंडा तैयार करेंगे। यह बैठक अगले वर्ष के शुरू में होगी। इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा है कि वॉशिंगटन 18 दिसंबर को न्यूयॉर्क में सीरिया के बारे में सम्मेलन बुलाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन यह रियाज सम्मेलन सहित कुछ मामलों पर निर्भर है। अमेरिका और सऊदी अरब ऐसी हालत में सीरिया की सरकार के विरोधियों की बैठक बुलाने के लिए कोशिश कर रहे हैं कि जब सीरिया की राजनीति में सक्रिय कई समूहों और दलों ख़ास कर कुर्दों को शामिल न किए जाने की वजह से रियाद और न्यूयॉर्क में बुलाई जाने वाली बैठकों की सफलता की संभावना कम है। यही कारण है कि सीरिया संकट के कूटनीतिक समाधान चाहने वाले ईरान और रूस जैसे देशों ने कहा है कि रियाद सम्मेलन और उस जैसी दूसरी बैठकों का उद्देश्य सीरिया संकट के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित प्रयासों में रूकावट पैदा करना है। इसलिए सऊदी अरब, कि जो खुद को सीरिया की सरकार के विरोधियों और अरब सरकारों का संरक्षक समझता है, रियाद में सीरियाई सरकार के विरोधियों की बैठक बुलाकर वियना में होने वाली बैठकों को बेअसर करना चाहता है हालांकि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने इस बात को स्वीकार किया है कि लगभग पांच साल के बाद इन सम्मेलनों के कारण सीरिया संकट के राजनीतिक समाधान की उम्मीद जगी है। इसी आधार पर भविष्यवाणी की जा रही है कि सऊदी अरब की ओर से सीरिया की सरकार के विरोधियों को दावत देने के संबंध में निष्पक्षता बरतने और पिछले महीने वियना बैठक के प्रावधानों की अनदेखी करने के कारण रियाद सम्मेलन उपयोगी साबित नहीं होगी। इसका कारण यह है कि वियना सम्मेलन में आतंकवादी समूहों से मुक़ाबले और सीरिया के राजनीतिक दलों के साथ सहयोग की कोशिश को सीरिया संकट के समाधान के लिए एक प्राथमिकता बताया गया था लेकिन आले सऊद सरकार अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का विरोध करते हुए पहले ही की तरह सीरिया की कानूनी सरकार के पतन पर जोर दे रही है।


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