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Date of publication : 21/1/2016 11:40
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सेना की तरह हुकूमत भी सतर्क रहे और दुश्मनों का डट कर मुक़ाबला करे।

बुधवार की सुबह ईरानी पार्लियामेंट के दसवें और विशेषज्ञ परिषद के पांचवें दौरे के चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी निभाने वाले चुनाव आयोग के अधिकारियों एंव स्टाफ़ से मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने चुनाव में सही और स्पष्ट मुक़ाबले को सुनिश्चित बनाने वाले तत्वों की ओर इशारा करते हुए ईरानी राष्ट्र व इस्लामी रिपब्लिक ईरान को चुनावी मंच पर राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के आयोजन का विजेता बताया।



विलायत पोर्टलः सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई की आधिकारिक साईट की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार की सुबह ईरानी पार्लियामेंट के दसवें और विशेषज्ञ परिषद के पांचवें दौरे के चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी निभाने वाले चुनाव आयोग के अधिकारियों एंव स्टाफ़ से मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने चुनाव में सही और स्पष्ट मुक़ाबले को सुनिश्चित बनाने वाले तत्वों की ओर इशारा करते हुए ईरानी राष्ट्र व इस्लामी रिपब्लिक ईरान को चुनावी मंच पर राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के आयोजन का विजेता बताया।
इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर ने 26 फ़रवरी के आम चुनाव में लोगों के बड़े पैमाने पर हिस्सा लेने को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण तथा राष्ट्रीय विकास की गॉरंटी बताया है।
सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने कहा कि साफ़ व स्पष्ट मुक़ाबले के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्वाइंट यह है कि चुनाव में सभी लोग हिस्सा लें यहां तक कि उन लोगों को भी हिस्सा लेना चाहिए जो इस्लामी सिस्टम को स्वीकार नहीं करते हैं।
उन्होंने सही प्रतिभागी के चयन और सूझबूझ के साथ चुनाव में भागीदारी को सही चुनाव का एक अहेम तत्व बताया। सुप्रीम लीडर ने कहा कि ऐसे इंसान को चुनना चाहिए जो कुर्सी पर बैठने के बाद जनता की सेवा करे। उन्होंने बल दिया कि सभी चुनावी तंत्रों द्वारा क़ानून का सम्मान करना, क़ानून का पालन, क़ानूनी तंत्रों का अपमान न करना, जनमत को गुमराह न करना, चुनावी उम्मीदवारों का एक दूसरे का अपमान न करना यहां तक कि एक दूसरे की बुराई से बचना, खोखले वादे न करना और लोगों के साथ सही व्यवहार, एक स्वस्थ चुनावी मुकाबले के मानदंड व संस्कार हैं।
सुप्रीम लीडर ने परमाणु मामले के संबंध में परमाणु वार्ताकार टीम के सदस्यों, विदेश मंत्री और राष्ट्रपति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस्लामी रिपब्लिक ईरान की सभी मांगें पूरी नहीं हुईं लेकिन अधिकारियों ने इस मामले में अनथक प्रयास किया है।
उन्होंने जेसीपीओए के लागू होने के बारे में महत्वपूर्ण बिन्दुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीका वही पुराना अमरीका है इसलिए होशियार रहने की ज़रूरत है कि कहीं अमरीका जेसीपीओए के लागू होने के संबंध में धोखा न दे। न्होंने हालिया दिनों में सेना द्वारा अमेरिकी सैनिकों की गिरफ़्तारी पर सेना की प्रशंसा करते हुए सरकार से सेना की तरह दुश्मन से निडर होकर पेश आने की अपील की।
सुप्रीम लीडर ने बल दिया कि परमाणु उपलब्धि, ईरानी वैज्ञानिकों की कोशिश और राष्ट्र की ओर से समर्थन का परिणाम है इसलिए कुछ लोगों का यह कहना सरासर नाइन्साफ़ी है कि यह परिणाम अमरीका की ओर से कृपा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की मौजूदा घटनाओं ने, अमरीकियों के कुछ साल पहले नए मध्यपूर्व को वजूद देने की ज़रूरत से संबंधी बयान की वास्तविकता को स्पष्ट कर दिया है। उनकी नज़र में नया मध्यपूर्व ऐसा हो जहां लड़ाई, आतंकवाद, भेदभाव, पिछड़ापन और धार्मिक व सांप्रदायिक झड़पें हों।


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