हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
سه شنبه - 2019 مارس 26
हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
Languages
Delicious facebook RSS ارسال به دوستان نسخه چاپی  ذخیره خروجی XML خروجی متنی خروجی PDF
کد خبر : 97710
تاریخ انتشار : 12/4/2016 9:57
تعداد بازدید : 20

ईरान की विदेश नीति की बुनियाद संतुलन और आपसी सम्मान पर है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान की विदेश नीति संतुलित है जो परस्पर सम्मान पर आधारित है। हुसैन जाबिरी अंसारी ने ईरान की विदेश नीति को संतुलित बताते हुए कहा कि सभी पड़ोसी और पश्चिमी देशों के साथ परस्पर सम्मान की बुनियाद पर संबन्ध स्थापित करने के विषय को ईरान की विदेश नीति में प्राथमिकता हासिल है।


विलायत पोर्टलः विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान की विदेश नीति संतुलित है जो परस्पर सम्मान पर आधारित है। हुसैन जाबिरी अंसारी ने ईरान की विदेश नीति को संतुलित बताते हुए कहा कि सभी पड़ोसी और पश्चिमी देशों के साथ परस्पर सम्मान की बुनियाद पर संबन्ध स्थापित करने के विषय को ईरान की विदेश नीति में प्राथमिकता हासिल है। सोमवार के दिन उन्होंने तेहरान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ईरान, परस्पर सम्मान की बुनियाद पर संबन्धों को बनाने के पक्ष में है और वह इसी नीति को आगे बढ़ा रहा है। हुसैन जाबिरी अंसारी ने कहा कि दुनियां की वर्तमान परिस्थितियों में किसी ख़ास विभाग पर ध्यान केन्द्रित करने से न तो ईरान को फ़ायदा होगा और न ही किसी दूसरे देश को। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बड़े अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि कुछ क्षेत्रीय देशों की नीतियां, इलाक़े में तनाव और मतभेद की वजह बनी हुई हैं जबकि ईरान इन पालीसियों का विरोधी है। हुसैन जाबिरी अंसारी ने कहा कि यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रभारी मोग्रीनी, एक उच्च स्तरीय शिष्टमण्डल के साथ 16 अप्रैल को ईरान की यात्रा पर आ रही हैं। उन्होंने क़ज़्ज़ाक़िस्तान के राष्ट्रपति की तेहरान यात्रा की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि उनकी इस यात्रा के मौक़े पर द्विपक्षीय और परस्पर फ़ायदे के विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मंगलवार को इटली के प्रधानमंत्री, तेहरान और रोम के संबंधों की समीक्षा के उद्देश्य से तेहरान आ रहे हैं। रूस की तरफ़ ईरान को एस-300 मीज़ाइल व्यवस्था दिए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में प्राथमिक सहमति बन चुकी है। फ़ार्स की खाड़ी में अमेरीका के नेतृत्व में फ़ौजी अभ्यास के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि क्षेत्रीय देशों से संबधों को बनाए रखना ईरान की मूल नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इलाक़े में विदेशियों के हस्तक्षेप से क्षेत्र की शांति एवं सुरक्षा में किसी तरह की मदद नहीं मिलेगी।
.................
तेहरान रेडियो


نظر شما



نمایش غیر عمومی
تصویر امنیتی :