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کد خبر : 97895
تاریخ انتشار : 14/4/2016 16:56
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ईरान के दक्षिण-पूर्वी इलाक़े में फ़ौजी अभ्यास का पहला दौर शुरू।

इस्लामी रिवाल्यूशन संरक्षक बल सिपाहे पासदारान ने देश के दक्षिण-पूर्व में व्यापक स्तर पर अभ्यास शुरु किया है जिसमें उच्च संभावना वाले स्वदेशी ड्रोन का टेस्ट भी शामिल है।


विलायत पोर्टलः इस्लामी रिवाल्यूशन संरक्षक बल सिपाहे पासदारान ने देश के दक्षिण-पूर्व में व्यापक स्तर पर अभ्यास शुरु किया है जिसमें उच्च संभावना वाले स्वदेशी ड्रोन का टेस्ट भी शामिल है। यह ड्रोन, टोही अभियान अंजाम देने और अधिक ऊंचाई पर लंबी उड़ान भरने के साथ-साथ हमला करने भी क्षमता रखता है। प्याम्बरे आज़म नाम का यह अभ्यास मंगलवार को सीस्तान और बलोचिस्तान प्रांत में शुरु हुआ। अभ्यास क्षेत्र पर 10 टोही विमान निगरानी कर रहे हैं। इस अभ्यास में पहली बार ‘हमासे’ नामक ड्रोन विमान को शामिल किया गया है। इस विमान का दो साल पहले अनावरण हुआ था। ईरान के इस्लामी रिवाल्यूशन संरक्षक बल आईआरजीसी के कमान्डर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद पाकपूर ने रविवार को बताया कि यह अभ्यास 12-14 अप्रैल तक चलेगा। यह अभ्यास किरमान, दक्षिणी ख़ुरासान और हुर्मुज़गान प्रांत तक फैला है। उन्होंने, आईआरजीसी की तय्यारी बरक़रार रखना, ईरानी सशस्त्र बल की क्षमता का प्रदर्शन, क्षेत्र की सुरक्षा को बेहतर करना और कुछ ख़ास हथियारों को टेस्ट करना इस अभ्यास के लक्ष्य बताए। ईरान अपनी रक्षा क्षमता को बेहतर बनाने और आधुनिक फ़ौजी हथियार और उपकरणों को टेस्ट करने के लिए कई फ़ौजी अभ्यास कर चुका है।
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तेहरान रेडियो


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