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کد خبر : 97900
تاریخ انتشار : 14/4/2016 19:2
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दुनिया में अमेरिका के लिए बढ़ती नफ़रत का उमड़ता सैलाब।

एक ताज़ा सर्वे में यह बात सामने आई है कि 93 फ़ीसद इराक़ी जवान अमेरिका को अपना दुश्मन समझते हैं। यह सर्वे अमेरिकी मार्केट रिसर्च कंपनी ‘पेन शुइन बर्लैन्ड’ द्वारा कराया गया और इसका नतीजा बुधवार को प्रकाशित हुआ।


विलायत पोर्टलः एक ताज़ा सर्वे में यह बात सामने आई है कि 93 फ़ीसद इराक़ी जवान अमेरिका को अपना दुश्मन समझते हैं। यह सर्वे अमेरिकी मार्केट रिसर्च कंपनी ‘पेन शुइन बर्लैन्ड’ द्वारा कराया गया और इसका नतीजा बुधवार को प्रकाशित हुआ। इस सर्वे के अनुसार, इराक़ी जनता को अपनी तरफ़ आकर्षित करने की अमेरिकी कोशिश नाकाम रही। इस सर्वे के अनुसार, सिर्फ़ 6 फ़ीसद इराक़ी, अमेरिका को घटक की नज़र से देखते हैं। पेन शुइन बर्लैन्ड के सर्वे के अनुसार, इराक़ पर अमेरिका के दिलदहला देने वाले हमलों के नतीजे में मानवीय जानों का नुक़सान, दस साल से ज़्यादा समय से इराक़ का अतिग्रहण और इस दौरान 10 लाख से ज़्यादा इराक़ियों का मारा जाना, एक तिहाई इराक़ी नागरिकों का बेघर होना, और इराक़ में राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक अस्थिरता वे तत्व हैं जिनकी वजह से इराक़ी जनता अमेरिका से नफ़रत करती है। इराक़ पर अमेरिका की चढ़ाई की वजह से इराक़ में गृह युद्ध छिड़ा जिससे इस देश की मूल रचनाएं तबाह और बर्बाद हो गईं। ज्ञात रहे कि हालिया सालों में इराक़ में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल इस देश की जनता का जनसंहार कर रहा है और बहुत से टीकाकार इराक़ के अतिग्रहण और अमेरिकी कार्यवाही को आईएसआईएल के उभरने में ज़िम्मेदार समझते हैं। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लयू बुश ने इराक़ पर हमले का आदेश जारी किया था। उनका दावा था कि इराक़ में सामूहिक विनाश के हथियार मौजूद हैं और अमेरिका को चाहिए कि मानवता को इन हथियारों के ख़तरे से आज़ादी दिलाने के लिए इराक़ पर हमला करे। बाद में यह सच्चाई सामने आई कि इराक़ में सामूहिक विनाश के हथियार होने का दावा सही नहीं था। अमेरिका की मध्यपूर्व के अनेक देशों में कोई साख नहीं हैं। पूरे मध्यपूर्व में 18-24 साल के जवानों के बारे में किए गए सर्वे के अनुसार, 82 फ़ीसद यमनी, 81 फ़ीसद फ़िलिस्तीनी और 57 फ़ीसद लेबनानी अमेरिका को दुश्मन समझते हैं।
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तेहरान रेडियो


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