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کد خبر : 98034
تاریخ انتشار : 16/4/2016 19:46
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OIC शिखर बैठक के मैनीफ़ेस्टो पर ईरान का एतराज़।

ईरान ने इस्तांबोल में इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी के शिखर सम्मेलन के आख़िरी बयान पर आपत्ति जताते हुए बैठक के आख़िरी सत्र का बाईकाट किया।


विलायत पोर्टलः ईरान ने इस्तांबोल में इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी के शिखर सम्मेलन के आख़िरी बयान पर आपत्ति जताते हुए बैठक के आख़िरी सत्र का बाईकाट किया। प्रेस टीवी के अनुसार इस्तांबोल में इस्लामी सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन का आख़िरी सत्र ऐसी स्थिति में आयोजित हुआ जब ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी और विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने उसमें भाग नहीं लिया। ईरान ने ओआईसी के शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में ईरान और लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के ख़िलाफ़ कुछ नियम शामिल किए जाने पर गहरी आपत्ति जताते हुए आख़िरी सत्र में भाग न लेने का फ़ैसला किया। ज़ायोनी लॉबी के दबाव में ओआईसी के शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में ईरान और हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ कई नियमों को शामिल किया गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री सैयद अब्बास इराक़ची ने बैठक से पहले अपने बयान में कहा था कि इस्लामी सहयोग संगठन अपनी ईरान विरोधी नीति पर लज्जित होगा। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान ने, जिनका देश शुक्रवार से ओआईसी की अध्यक्षता संभाल रहा है, सम्मेलन के आख़िरी सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि इस बैठक के फ़ैसलों से मुसलमानों में विकास, तरक्क़ी, न्याय और शांति की उम्मीदें पैदा होंगी। उन्होंने शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र को पढ़े बिना कहा कि यह सम्मेलन संगठन के सदस्य देशों के बीच एकता, एकजुटता और सहयोग के नारे के अंतर्गत आयोजित हुआ है। उल्लेखनीय है कि ईरान के राष्ट्रपति डॉक्टर हसन रूहानी ने गुरुवार को ओआईसी के शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि ओआईसी में फूट डालने की कोशिश निंदनीय हैं और इस्लामी देशों के बीच मौजूद मतभेदों और ग़लतफ़हमियों को कूटनीति के ज़रिए से दूर किया जाना चाहिए।
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तेहरान रेडियो


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