हिंदुस्तान में सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि का दफ़तर
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کد خبر : 98773
تاریخ انتشار : 26/4/2016 16:30
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अतिवादी सोच रखने वाला अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं बनना चाहिए।

अमेरिका में पार्टियों के अंदर होने वाले चुनाव का समय समाप्त होने वाला है।


विलायत पोर्टलः अमेरिका में पार्टियों के अंदर होने वाले चुनाव का समय समाप्त होने वाला है। अब तक होने वाले चुनावों के जो नतीजे सामने आए हैं उसके अनुसार रिपब्लिकन प्रत्याशी डोनल्ड ट्रंप अपने प्रतिस्पर्धियों में आगे हैं। अमेरिका में अभी कुछ राज्यों में पार्टियों के अंदर होने वाले चुनाव बाक़ी हैं और अपेक्षा की जा रही है कि दूसरे राज्यों में भी डोनल्ड ट्रंप को कामयाबी मिल जाएगी। यह विषय इस बात की वजह बनी है कि संभावित रूप से रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए डोनल्ड ट्रंप को प्रत्याशी बनाया जाएगा। विभिन्न मामलों में डोनल्ड ट्रंप के अतिवादी बयान अमेरिका के अंदर और बाहर चिंता की वजह बने हैं। डोनल्ड ट्रंप के दूसरे रिपब्लिकन प्रत्याशियों का कहना है कि वे डोनल्ड ट्रंप को सत्ता में पहुंचने से रोकने के लिए हर ज़रूरी काम अंजाम देगें। इसी तरह जर्मनी के विदेशमंत्री और इटली के प्रधानमंत्री ने भी डोनल्ड ट्रंप की चुनावों में कामयाबी पर चिंता जताई है। यूरोप के इन दोनों अधिकारियों ने अभूतपूर्व ढंग से अपने बयान में आधारिक रूप से अमेरिका में डेमोक्रेटिक प्रत्याशी हिलैरी क्लिंटन का समर्थन किया है। बहरहाल विभिन्न मामलों में डोनल्ड ट्रंप के अतिवादी बयान अमेरिका के बाहर भी चिंता की वजह बने हैं। इसी लिए अमेरिका से बाहर और अंदर बहुत से हल्के व राजनेता नहीं चाहते कि अमेरिका का राष्ट्रपति कोई अतिवादी व्यक्ति बने।
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तेहरान रेडियो


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