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इस्लाम और ग़ुलामी

अगर कोई शख़्स अपने ग़ुलाम का एक हिस्सा भी आज़ाद कर दे तो पूरा ग़ुलाम आज़ाद हो जाएगा और अगर ग़ुलाम दो लोगों का है और अगर एक ने आज़ाद कर दिया है तो पूरा ग़ुलाम आज़ाद हो जाएगा लेकिन उसे दूसरे मालिक के हिस्से की क़ीमत अदा करनी होगी। इस्लाम के इन्हीं अहकाम का नतीजा था जिसको देखते देखते ग़ुलामी कब ख़त्म हो गई किसी को पता तक नहीं चला और समाज पर कोई बोझ भी नहीं पड़ा।

7/31/2018 3:34:15 PM

मासूमीन (अ.स.) का इस्तेग़फ़ार

इस्तेग़फ़ार एक तरह की सिफ़ारिश भी है जैसाकि इरशाद होता है कि अगर यह लोग इस्तेग़फ़ार करते और रसूल (स. अ.) भी उनके लिए इस्तेग़फ़ार करते तो यह अल्लाह को तौबा क़ुबूल करने वाला और मेहरबान पाते, इस आयत में पैग़म्बर स.अ. का इस्तेग़फ़ार किसी गुनाह का नतीजा नहीं बल्कि एक तरह की शफ़ाअत है।

7/30/2018 4:52:07 PM

हज का फ़लसफ़ा

यह लब्बैक इस बात की भी निशानी है कि हालांकि हम हज़रत इब्राहीम की उम्मत में से नहीं हैं लेकिन चूंकि उन्होंने अल्लाह की ओर दावत दी है और बुलाया है और अल्लाह के हुक्म से बुलाया है इसलिए हम उनकी आवाज़ पर लब्बैक कहने के लिए तैयार हैं, हमारी निगाह में अल्लाह के नबी का सम्मान हमेशा रहता है चाहे वह इस दुनिया में ज़िंदा हो या अल्लाह की बारगाह में वापस जा चुका हो हम उन लोगों में से नहीं हैं जिनका नबी उनके सामने उन्हें आवाज़ दे रहा था और वह मुड़ कर देखने को तैयार नहीं थे।

7/29/2018 10:57:50 AM

देश मे बढ़ती असहिष्णुता

जैसे जैसे चुनाव क़रीब आ रहा है वैसे वैसे और अधिक धार्मिक नफ़रत का ज़हर घोला जा रहा है, एक तरफ़ सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी केवल काग़ज़ी कार्यवाही में लगी है जबकि भय और आतंक का माहौल लगातार बढ़ता ही जा रहा है, वह दिन दूर नहीं जब आपसी एकता और अखंडता की मिसाल दिए जाने वाले देश की पहचान भीड़तंत्र और मॉबलिंचिंग से की जाएगी।

7/26/2018 1:20:00 PM

हज़रत सलमान का इस्लाम और ईमान

किसी ने इमाम अली अ.स. से सलमान के बारे में सवाल किया, आपने फ़रमाया: उस पाक फितरत का क्या कहना उसकी फितरत हमारी फितरत से है उसकी रूह हमारी रूह से है, अल्लाह ने उसे अव्वल व आख़िर और ज़ाहिर व बातिन से मख़सूस किया है।

7/25/2018 2:46:40 PM

इमाम रज़ा अ.स. की ज़िंदगी पर एक निगाह

ला इलाहा इल्लल्लाह मेरा क़िला है जो इसमें आ गया वह मेरे अज़ाब से बच गया, इसी हदीस के सिलसिले को देख कर इमाम अहमद इब्ने हमबल ने कहा था कि यह सिलसिला अगर किसी पागल और दीवाने पर पढ़ कर दम कर दिया जाए तो उसका पागलपन दूर हो जाएगा।

7/24/2018 9:23:53 AM

इंसान और बंदगी

इबादत अपने एक पहलू से रिसालत से भी अफ़ज़ल है और इसीलिए उसे नबुव्वत और रिसालत की बुनियाद कहा गया है और हज़रत ईसा स.अ. नबुव्वत के एलान से पहले अपनी बंदगी का एलान किया था और मुसलमान आज तक हर नमाज़ में बंदगी की गवाही रिसालत से पहले देता है।

7/19/2018 9:50:35 AM

अमेरिका ने दी भारत की स्वाधीनता को चुनौती।

दोनों देशों के संबंध तेल के व्यापार तक सीमित नहीं हैं बल्कि उससे कहीं ज़्यादा गहरे हैं जैसाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाली एक कैबिनेट मीटिंग में भारत और ईरान के बीच स्वास्थ और दूसरी चीज़ों को लेकर होने वाले समझौते को मंजूरी दी गई यह वह समझौता है जिस पर ईरान के राष्ट्रपति के भारत दौरे पर 17 फ़रवरी को हस्ताक्षर किए गए थे।

7/17/2018 3:36:35 PM

कठमुल्लों और सियासतदानों की डुगडुगी

अजीब इत्तेफ़ाक़ है इतिहास में इसकी बहुत मिसालें हैं जहां सत्ताधारी मज़हब के पाक जज़्बात को अनदेखा कर के दुनियादार मुल्लाओं का सहारा ले कर जनता को केवल इस्तेमाल करते हुए दिखाई दिए, आज भी ऐसा ही हो रहा है

7/17/2018 1:58:25 PM

अल्लाह का ज़िक्र और दिलों का आराम

बेचैनी और स्ट्रेस आमतौर से बेतुके ख़्यालों की वजह से पैदा होता है और यह बेतुके ख़्याल उसी समय पैदा होते हैं जब दिमाग़ में अल्लाह का ख़्याल और दिल में अल्लाह की याद न रहे, अल्लाह के ख़्याल और अल्लाह की याद से बड़ा और मज़बूत कोई सहारा नहीं है, यह हर उल्टे सीधे ख़्याल के की ज़ंजीरों को तोड़ देता हैl

7/12/2018 6:15:14 PM

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