घाटे का सौदा

उसके पास अब कोई और रास्ता नहीं था बस एक ही रास्ता था जो जहन्नम की तरफ़ जा रहा था और उसी रास्ते पर उसे इसी दुनिया में मुख़्तार का भी सामना करना था और इसी दुनिया में एक मुख़्तार के जहन्नम से हो कर उसे हमेशा हमेशा रहने वाले जहन्नम का सफ़र तय करना था, उमर इब्ने साद के जहन्नम की तरफ़ बढ़ते क़दम उन सभी लोगों के लिए सबक़ हैं जो अपने दौर के हाकिमों और बादशाहों को ख़ुश करने के लिए अपने ज़मीर को थपक कर सुला देते हैं और जब ज़मीर बेदार होता है तब बहुत देर हो चुकी होती है, सामने उस दौर के मुख़्तार की तलवार होती है और उसके आगे जहन्नम के भड़कते हुए शोले होते हैं। सच में कितने घाटे का सौदा है

10/13/2018 5:22:45 PM

ज़ियारते अरबईन के लिए इमाम सादिक़ अ.स. का अहम पैग़ाम

ब्रिटेन के सबसे अधिक छपने वाले अख़बारों में से एक INDEPENDENT ने अपनी एक रिपोर्ट में अरबईने हुसैनी को THE WORLD’S LARGEST RELIGIOUS CEREMONY यानी दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समारोह बताया है। जिस समय व्हाइट हाऊस में बैठे नफ़रत के सौदागर अरबईन के मौक़े पर पूरी दुनिया के मुसलमानों का जमा होते हुए देखते हैं उन्हें मुसलमानों के बीच फूट डालने के लिए की जाने वाली अपनी सारी मेहनत सारी साज़िश और सारा ख़र्च किया जाने वाला पैसा बर्बाद होता दिखाई देता है और यही वह दुश्मन की मायूसी है जिसका ज़िक्र इमाम सादिक़ अ.स. ने हदीस में फ़रमाया है।

10/13/2018 11:30:00 AM

हानी इब्ने उरवह

मसऊदी की रिवायत के अनुसार, हानी का अपने क़बीले में इस हद तक प्रभाव था कि जब वह बनी मुराद वालों को मदद के लिए पुकारते थे तो 4000 घुड़सवार और 8000 पैदल फ़ौजी उनकी आवाज़ पर जमा हो जाते थे लेकिन जब हानी को क़त्ल करने के लिए ले जाया जा रहा था तो कोई एक भी मदद करने आगे नहीं आया।

10/11/2018 8:18:00 AM

इस्राईल और सऊदी अरब की दोस्ती का इतिहास

अमेरिका के हितों और इस्राईल को बचाने के लिए सऊदी अरब ही है जो इंसानियत और इस्लाम के बुनियादी सिद्धातों को रौंदने के लिए हर समय तैयार बैठा है, इसीलिए अमेरिका और इस्राईल किसी न किसी बहाने से सऊदी की सरपरस्ती जारी रखेंगे और सऊदी हाकिम भी अमेरिका और इस्राईल की ग़ुलामी का तौक़ कभी गर्दन से नहीं उतारेंगे।

10/9/2018 7:23:07 PM

हम सभी कूफ़ा वाले हैं....

कूफ़ा अपनी सारी अच्छाईयों के बावजूद अपने बहादुरों की वजह से नहीं बल्कि अपने डरपोक और बुज़दिल लोगों के नाम से जाना जाता है। यह एक इशारा बन गया है बेहिसी और बे अमली का, यह किसी ज़ालिम गिरोह या टोले का नाम नहीं है बल्कि उस ज़ुल्म पर चुप रहने वाले मजमे का नाम है, यह एक ऐसे समाज की शक्ल है जहां किसी एक मज़लूम गिरोह को एक ज़ालिम गिरोह लगातार ज़ुल्म का निशाना बनाता है लेकिन उस ज़ुल्म से नफ़रत के बावजूद लोग तमाशाई बने अपने अपने ठिकानों में दुबक कर बैठे रहते हैं।

10/8/2018 5:48:34 PM

इमाम हुसैन अ.स. की अज़ादारी अहले सुन्नत की निगाह में

इमाम हुसैन अ.स. और आपके वफ़ादार असहाब पर अज़ादारी करना केवल शियों से मख़सूस नहीं है बल्कि अहले सुन्नत भी आपकी शहादत पर ग़म मनाते हैं, हालांकि उनके ग़म के ज़ाहिर करने का तरीक़ा अलग होता है, लेकिन इमाम हुसैन अ.स. के क़ातिलों से दूरी का ऐलान हर किसी ने किया है।

10/7/2018 6:24:35 PM

चलो कर्बला चलें...

ज़ालिमों ने हर दौर में अपनी हद से आगे जाकर इमाम हुसैन अ.स. की ज़ियारत से रोकने की जी तोड़ कोशिश की है लेकिन इमाम हुसैन अ.स. ने जिस अल्लाह के नाम और उसके दीन को उसके असली हालत पर बाक़ी रखने के लिए अज़ीम क़ुर्बानी दी उसने अपने वादे को पूरा किया और लाख पाबंदियों और लाख ज़ुल्म के बावजूद इमाम हुसैन अ.स. के चाहने वालों के दिल में उस गर्मी को बाक़ी रखा जो उन्हें ख़ींच कर कर्बला ले जाती रही, और अब जब सद्दाम और दाएश जैसे ज़ालिम अपने अंजाम तक पहुंच चुके हैं तो अब हाल कुछ ऐसा है कि उसी मज़लूम इमाम अ.स. की ज़ियारत करने वालों की सही तादाद का आंकड़ा लगाना मुश्किल होता जा रहा है।

10/6/2018 9:00:00 AM

कर्बला और इमाम सज्जाद अ.स.

कूफ़े का बाज़ार हो या कूफ़े में इब्ने ज़ेयाद का दरबार, शाम का बाज़ार हो या यज़ीद का दरबार, हर जगह इमाम सज्जाद अ.स. और अहले हरम के ख़ुत्बे और बयान ऐसे थे जिन्होंने पूरी दुनिया तक इमाम हुसैन अ.स. की शहादत के मक़सद को पहुंचाया और इस तरह से इमाम सज्जाद अ.स. ने उस मिशन को पूरा किया जिसे इमाम हुसैन अ.स. अंजाम दे रहे थे।

10/4/2018 6:45:41 PM

यज़ीद का दरबार और इमाम सज्जाद अ.स. का ख़ुत्बा

यज़ीद ऐसी परिस्तिथि को देख कर बौखला गया कि कहीं ऐसा न हो कि किसी दूसरे इंक़ेलाब का सामना करना पड़े इसीलिए उसने मोअज़्ज़िन को हुक्म दिया कि अज़ान शुरू करे ताकि इमाम अ.स. ख़ामोश हो जाएं, मोअज़्ज़िन ने अज़ान कहना शुरू किया जैसे ही अल्लाहो अकबर कहा इमाम अ.स. ने फ़रमाया बेशक अल्लाह से बड़ा किसी का वुजूद नहीं है, फिर जैसे ही अशहदो अल्ला इलाहा इल्लल्लाह कहा इमाम अ.स. ने फ़रमाया मेरे बाल, खाल, बदन को गोश्त और मेरा ख़ून उसकी वहदानियत की गवाही देता है, और जैसे ही मोअज़्ज़िन ने अशहदो अन्ना मोहम्मदर रसूलुल्लाह कहा इमाम अ.स. ने यज़ीद की तरफ़ रुख़ किया और कहा ऐ यज़ीद यह बता यह तेने जद का नाम है या मेरे? अगर तू अपना जद कहे तो तू झूठा है और काफ़िर है और अगर यह मेरे जद का नाम है तो ज़रा यह बता कि तूने उनके ख़ानदान को किस जुर्म में क़त्ल कर डाला?

10/4/2018 5:19:00 AM

यज़ीद का दरबार और हज़रत ज़ैनब स.अ. का ख़ुत्बा

ऐ यज़ीद! तू क्या समझता है कि तूने हमारे लिए ज़मीन और आसमान को सीमित कर दिया है? और क्या आले रसूल अ.स. को ज़ंजीरों और रस्सियों में जकड़ कर इधर उधर फिराने से तू अल्लाह से क़रीब और आले रसूल अ.स. ज़लील हो जाएंगे? तेरे ख़्याल में क्या हम मज़लूम हो कर ज़लील हो गए और तूने हम पर ज़ुल्म कर के इज़्ज़त हासिल कर ली?

10/2/2018 9:13:00 AM

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बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!! इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से एक बेटी ऐसी भी.... फ़र्ज़ी यूनिवर्सिटी स्थापित कर भारतीय छात्रों को गुमराह कर रही है अमेरिकी सरकार । वह एक मां थी... क़ुर्आन को ज़हर बता मस्जिदें बंद कराने का दम भरने वाले डच नेता ने अपनाया इस्लाम । तुर्की के सहयोग से इदलिब पहुँच रहे हैं हज़ारो आतंकी । आयतुल्लाह सीस्तानी की दो टूक , इराक की धरती को किसी भी देश के खिलाफ प्रयोग नहीं होने देंगे । ईरान विरोधी किसी भी सिस्टम का हिस्सा नहीं बनेंगे : इराक सीरिया की शांति और स्थायित्व ईरान का अहम् उद्देश्य, दमिश्क़ और तेहरान के संबंधों में और मज़बूती के इच्छुक : रूहानी आयतुल्लाह सीस्तानी से मुलाक़ात के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत नजफ़ पहुंची