इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है?

मोमिन और काफ़िर जिन चीज़ों को भी ज़िंदगी के उस आख़िरी पल में देखेगा वह उसके आमाल के ही नतीजे में होगा, मोमिन और नेक अमल अंजाम देने वाला अल्लाह की करामतों को देखेगा और उस आख़िरी पल में दिल को सुकून पहुंचाने वाले मंज़र देखेगा, लेकिन काफ़िर और मुनाफ़िक़ अपनी बद आमालियों और दुनिया में किए गए छल कपट की वजह से ज़िंदगी के उस आख़िरी पल में अल्लाह की नाराज़गी और उसके क़हर को देखेंगे।

2/19/2019 5:56:10 PM

बहादुर ख़ानदान की बहादुर ख़ातून

हज़रत उम्मुल बनीन अ.स. की इस बात ने केवल हज़रत अमामा ही को प्रभावित नहीं किया बल्कि लैलै, तमीमिया और असमा बिन्ते उमैस को भी प्रभावित किया, और इमाम अली अ.स. की इन चारों बीवियों ने पूरे जीवन इमाम अली अ.स. की शहादत के बाद शादी नहीं की।

2/18/2019 5:10:21 PM

यह 20 अरब डॉलर नहीं शीयत को नाबूद करने की साज़िश की कड़ी है

ज़ाहिर है ऐसे शख़्स जिसकी उंगलियों से लेकर कोहनियों तक मुसलमानों ख़ास कर शियों का ख़ून टपक रहा हो तो ऐसे शख़्स का ऐसा स्वागत कौन पसंद करेगा, ऐसे मौक़े पर बस यही कहने को दिल करता है कि दुनिया के सबसे नीच और घटिया इंसान का दुनिया की सबसे नाकाम हुकूमत स्वागत कर रही है, जबकि सारे मुसलमान जानते हैं यह वही इंसान है जिसने शियों और हर उस इंसान जो उसकी कट्टरपंथी वाली विचारधारा का विरोध करेगा उसको बर्बाद करने की बात बार बार कही है, शर्म की बात है कि पाकिस्तान की हुकूमत इतनी कमज़ोर और मजबूर हो चुकी है कि उसे एक अय्याश और निठल्ले बादशाह के डॉलर और रियाल की ज़रूरत पड़ गई है।

2/17/2019 5:00:45 PM

पैग़म्बर स.अ. की सीरत और इमाम ख़ुमैनी र.अ. की विचारधारा

इमाम ख़ुमैनी र.अ. ने अपनी विचारधारा में नबियों की बेसत के मक़सद को ख़ास जगह दी है और अनेक मौक़ों पर फ़रमाया है कि अंबिया ज़ुल्म से टकराने और उसको जड़ से ख़त्म करने और दीन और अदालत को क़ायम करने के लिए तशरीफ़ लाए थे

2/12/2019 6:43:17 PM

शिम्र मर गया तो क्या हुआ, नस्लें तो आज भी बाक़ी है!!

अभी हाल ही में पैग़म्बर स.अ. के शहर मदीने ही में जो हादसा हुआ उसने हम सभी के दिल को हिला कर रख दिया है, कल जब इसी शहर में इज़्ज़त लूटी जा रही थी, क़त्लेआम हो रहा था, बच्चों को बेरहमी से मारा जा रहा था तब भी उनका जुर्म केवल पैग़म्बर स.अ. और उनके अहलेबैत अ.स. से मोहब्बत करना था जबकि इस मोहब्बत के लिए ख़ुद अल्लाह ने क़ुर्आन में हुक्म दिया है और पैग़म्बर स.अ. ने अपनी ज़िंदगी में इस बात की बेहद ताकीद की है, और आज भी यही सुन्नत जारी है, आप सोचिए जिस नबी स.अ. और उनकी पाकीज़ा आल अ.स. पर सलवात पढ़ने का हुक्म अल्लाह और उसके रसूल स.अ. ने दिया हो उसी सलवात की वजह से एक मां की गोद से उसके कमसिन बच्चे को छीन कर उसके गले को पैग़म्बर स.अ. के शहर मदीने में काट दिया गया....

2/11/2019 7:16:35 PM

इमाम ख़ुमैनी र.ह. और इस्लामी इंक़ेलाब की लोकतांत्रिक जड़ें

इमाम ख़ुमैनी र.ह. के नेतृत्व में इस्लामी इंक़ेलाब ने दुनिया को अच्छी हुकूमत और सिद्धांत प्रणाली को पहचनवाया और इसी वजह से इस्लामी इंक़ेलाब से दुश्मनी की शुरूआत हुई, विशेष कर अमेरिका और उसके सहयोगी सऊदी अरब समेत अधिकतर अरब देश ईरान की ताक़त से भयभीत हो गए, यह कहना ग़लत नहीं होगा कि अमेरिका, सऊदी अरब और अवैध राष्ट्र इस्राईल आज के दौर में हर ज़ुल्म, अपराध और फ़ितने की जड़ हैं जो यह नहीं चाहते कि मिडिल ईस्ट में लोकतंत्र क़ायम हो

2/10/2019 5:58:17 PM

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. के घर में आग लगाने वाले कौन थे? अहले सुन्नत की किताबों से

पैग़म्बर स.अ. की वफ़ात के बाद उनकी बेटी हज़रत ज़हरा स.अ. पर ढ़हाए जाने वाले बेशुमार और बेहिसाब ज़ुल्म और फिर उन्हीं ज़ुल्म की वजह से आपकी शहादत इस्लामी इतिहास की एक ऐसी हक़ीक़त है जिसका इंकार कर पाना ना मुमकिन है, इसलिए कि इतिहास गवाह है कि बहुत कोशिशें हुईं और बहुत मेहनत की गई, क़लम ख़रीदे गए और केवल यही नहीं बल्कि इंसाफ़ पसंद इतिहासकारों पर बहुत सारी हक़ीक़तें छिपाने के लिए दबाव भी बनाया गया, लेकिन ज़ुल्म, वह भी इस्मत के घराने की नूरानी ख़ातून पर छिप भी कैसे सकता था

2/8/2019 5:50:46 PM

एक बेटी ऐसी भी....

वह बेटी जिसका नाम पैग़म्बर स.अ. ने अल्लाह के हुक्म से फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) रखा था वह रिसालत के बाग़ का अकेला वह फूल है जिसकी मिसाल मिलना मुमकिन नहीं है, वह इसलिए कि अल्लाह ने मर्दों की हिदायत के लिए एक लाख चौबीस हज़ार नबियों को भेजा, नबुव्वत के बाद इमामत के सिलसिले को शुरू किया जो आज तक जारी है, लेकिन बेटियों और महिलाओं के लिए इसी बेटी यानी हज़रत फ़ातिमा ज़हरा स.अ. को क़यामत तक की औरतों के लिए आइडियल क़रार दिया।

2/7/2019 5:32:09 PM

वह एक मां थी...

अली! निगाहें उठाओ, मेरी तरफ़ देखो... अली! देखो यह कौन है... अली! यह वही है जिसको पा कर तुमने शुक्र का सजदा किया था... अली! यह वही है जिसको देख कर तुम अपना दर्द अपनी तकलीफ़ भूल जाया करते थे, मगर आज तुम्हें क्या हो गया है... तुम अपने ग़म मुझ से नहीं बताओगे तो फिर किस से बताओगे...

2/6/2019 4:14:43 PM

आख़ेरत में अंधेपन का क्या मतलब है....

अधेपन का मतलब जिस्म पर मौजूद आंखों का अंधा होना नहीं है, बल्कि इसका मतलब इंसान जान बूझ कर अपने आप का अंधा बनाए, यानी अल्लाह की निशानियों और पैग़म्बर स.अ. की सच्चे होने को देखता है और हक़ और हक़ीक़त तक पहुंचता है, लेकिन दिल से उन पर अक़ीदा नहीं रखता, बिल्कुल ऐसे कि जैसे उसकी आंखों ने उन निशानियों और अज़मतों को देखा ही नहीं, वह दीनी मसाएल के साथ ऐसा बर्ताव करता है कि जैसे न उन्हें देखा न सुना, इसलिए हक़ बात कहने और उसे स्वीकार करने से इंकार करता है और क़ुर्आन के शब्दों में यह जानबूझ कर अंधा बहरा और गूंगा है।

2/5/2019 6:13:43 PM

  • रिकार्ड संख्या : 355

नवीनतम लेख

ईरान पर आतंकी हमला, बिन सलमान ने दिया पाकिस्तान को 20 अरब डॉलर का इनाम : डी मेडी टेलीग्राफ ज़रूरत पड़ी तो अमेरिका को हमलों का निशाना बनाने को तैयार : रूस हिज़्बुल्लाह ने सेना और देशवासियों के साथ मिलकर लेबनान को सीरिया जैसी दुर्दशा से बचा लिया । पुतिन की नसीहत , विनाशकारी सियासत से बाज़ आए अमेरिका क़तर का आले सऊद पर हमला, हज को राजनैतिक हथियार के रूप में प्रयोग कर रहा है सऊदी अरब। सऊदी युवराज की भारत यात्रा के विरोध में हुए विशाल विरोध प्रदर्शन । वेनेज़ुएला संकट, अमेरिकी हस्तक्षेप की आशंका , सेना हाई अलर्ट । दमिश्क़ कुर्दों का समर्थन करने के लिए तैयार । इंसान मौत के समय किन किन चीज़ों को देखता है? हिटलर की भांति विरोधी विचारधारा को कुचल रहे हैं ट्रम्प । ईरान, आत्मघाती हमलावर और आतंकी टीम में शामिल दो सदस्य पाकिस्तानी : सरदार पाकपूर सीरिया अवैध राष्ट्र इस्राईल निर्मित हथियारों की बड़ी खेप बरामद । ईरान को CPEC में शामिल कर सऊदी अरब और अमेरिका को नाराज़ नहीं कर सकता पाकिस्तान। भारत पहुँच रहा है वर्तमान का यज़ीद मोहम्मद बिन सलमान, कई समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर । ईरान के कड़े तेवर , वहाबी आतंकवाद का गॉडफादर है सऊदी अरब