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आयतुल्लाह ख़ामेनई की निगाह में शबे क़द्र की आहमियत

माहे रमज़ान के दिन हों या रात अपने दिलों को अल्लाह के ज़िक्र से जितना हो सके नूरानी बनाईए ताकि शबे क़द्र के आने तक आपका नफ़्स इस क़ाबिल हो चुका हो कि वह उस रात से भरपूर फ़ायदा हासिल कर सके जिसकी ख़ासियत क़ुर्आन ने यह बताई है कि शबे क़द्र हज़ार महीनों से बेहतर है और जिसमें अल्लाह की इजाज़त से फ़रिश्ते ज़मीन को आसमान से जोड़ देते हैं, दिलों को अल्लाह के नूर और उसके फ़ज़्ल से रौशन कर देते हैं, जो दिलों को मानवियत से भर देने और मरीज़ों के शिफ़ा हासिल करने और रूहानी बीमारियों के इलाज वाली रात है

6/2/2018 2:14:47 PM

शाबान में ही माहे मुबारक रमज़ान की तैयारी करें ।

मैंने एक बार इमाम ख़ुमैनी र.ह. से सवाल किया कि अहलेबैत अ.स. से मन्क़ूल और मंसूब दुआओं में आप सबसे ज़्यादा किस से मानूस हैं तो आप ने फ़रमाया था कि मुनजाते शाबानिया और दुआए कुमैल!

4/26/2018 6:56:47 PM

अमेरिका के जंगी जहाज़ बेचने की अजीब घटना

उस समय ईरान और अमेरिका का एक ज्वाइंट अकाउंट था, मैं जब रक्षा मंत्रालय में ख़िदमत कर रहा था तब यह बात मुझे पता चली थी, फिर मैं F.M.S. नाम की कमेटी गया वहां इसका पता लगाया, जिसका आज तक कोई जवाब नहीं आया, उस ज्वाइंट अकाउंट में ईरानी हुकूमत पैसा जमा तो करती थी लेकिन पैसे निकालने का हक़ केवल अमेरिका का था।

3/25/2018 6:18:03 PM

कोई भी किताब छापने को तैयार नहीं हुआ

इस किताब के लेखक का कहना है कि उस प्रेस वाले ने बाद में मुझे टेलीफ़ोन कर के कहा कि जिस दिन से मैं इस किताब को छापने के लिए तैयार हुआ हूं और सब को पता चला है, मुझे जान से मारने के धमकी भरे फ़ोन आ रहे हैं, जिस बयान और चुनाव की आज़ादी की वह बातें करते हैं ऐसा कुछ भी वहां नहीं है।

3/18/2018 5:05:24 PM

असेंबली मिंबर की अजीब सोंच

उसने मेरी बातों का बहुत ही नाक भौं चढ़ा कर अजीब तरह से जवाब दिया, वह कहता है कि, यह तुम क्या कह रहे हो, और किस बात पर विरोध जता रहे हो, आज यूरोप नौकर की तरह हमारे लिए काम कर रहा है, हमारे पास तेल है पैसा है, हम उनको पैसा देते हैं और वह नौकर की तरह हमारे लिए काम करते हैं, यह उस समय के असेंबली मिंबर की सोच थी, वह दौर पतन का दौर था, ऐसी सोच थी कि क्यों हम ख़ुद निर्यात करें, क्यों हम ख़ुद सामान बनाएं, क्यों हम सभी ज़रूरी चीज़े सीखें,

3/15/2018 5:01:00 AM

शुरू ही से अपनी ज़िम्मेदारी का पाबंद था....

मैं शुरू ही से यह विचार रखता था कि हमको यह ध्यान में रखना है कि हमारी ज़िम्मेदारी क्या है, और उसी पर हमको अमल करना है, और फिर जो कुछ भी हुआ वह सब अल्लाह के इरादे से हुआ।

2/27/2018 5:28:58 PM

शहीद बहिश्ती और शहीद बाहुनर के अहम कारनामे

हक़ीक़त में शहीद बहिश्ती टाइटल को और किन चीज़ों पर काम करना है इसको चुनते और शहीद बाहुनर और आक़ा जलालुद्दीन मिल कर उस टाइटल पर लिखते थे, मुख्य काम शहीद बाहुनर ही का था,

2/26/2018 4:23:58 PM

कई दिनों तक गेहूं की रोटी नहीं मिलती थी..

जंग ईरान में नहीं हो रही थी फिर भी जंग के प्रभाव ईरान के अंदर दिख रहे थे, कई कई दिनों तक.......

2/24/2018 4:02:27 PM

चाय बनाने की ज़िम्मेदारी मेरी...

मेरी यह अपनी इच्छा थी, मैंने चाय बनाने के लिए इसलिए कहा क्योंकि वहां जितने लोग थे कोई भी मुझे चाय बनाने की ज़िम्मेदारी न सौंपता, और कोई भी यह नहीं चाहता कि मैं वहां बैठ कर चाय निकालूं, लेकिन हक़ीक़त में भी अगर वह लोग यह कह देते कि आपका काम चाय बनाना है, तब भी मैं अबा क़बा उतार कर किनारे रखता और आस्तीन उलट कर चाय बनाने में लग जाता, और मैंने केवल कहा ही नहीं था बल्कि पूरी तरह से इस काम के लिए तैय्यार था।

2/7/2018 5:37:00 AM

दुश्मन के सामने डटे रहने से ही जंग को टाला जा सकता हैः आयतुल्लाह ख़ामेनई

पवित्र प्रतिरक्षा ईरानी समाज के लिए ताज़ा सांस का महत्व रखती है हम सांस न लेते तो मर जाते ।

3/6/2017 5:24:00 PM

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