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Code : 192277
Date of publication : 26/2/2018 16:23
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शहीद बहिश्ती और शहीद बाहुनर के अहम कारनामे

हक़ीक़त में शहीद बहिश्ती टाइटल को और किन चीज़ों पर काम करना है इसको चुनते और शहीद बाहुनर और आक़ा जलालुद्दीन मिल कर उस टाइटल पर लिखते थे, मुख्य काम शहीद बाहुनर ही का था,
विलायत पोर्टल :  1979 में मुझे जिलावतन कर के ईरानशहर भेज रखा था, एक दिन शहीद बाहुनर मुझे देखने आए, हालांकि जिलावतन होने से पहले हम 10-15 लोग मिल कर काम शुरू कर चुके थे, लेकिन जिलावतन होने के साथ साथ मैं अपने मिशन को भी ईरानशहर ले गया कि बचे हुए समय में वहां अंजाम दूंगा, शहीद बाहुनर जब मुझ से मिलने आए तो अपने साथ कुछ मार्केट में नई आने वाली किताबों को भी तोहफ़े के रूप मे लेकर आए, उस समय इन किताबों को शहीद बाहुनर, शहीद बहिश्ती और आक़ा जलालुद्दीन फ़ारसी जैसे महान आलिम लिखते थे, हक़ीक़त में शहीद बहिश्ती टाइटल को और किन चीज़ों पर काम करना है इसको चुनते और शहीद बाहुनर और आक़ा जलालुद्दीन मिल कर उस टाइटल पर लिखते थे, मुख्य काम शहीद बाहुनर ही का था, आप वह सभी लिखी हुई किताब मेरे लिए लाए थे, उन्होंने मुझे देते हुए कहा कि आप एक निगाह इसे देख लें, हम ने यह किताबें स्कूल के बच्चों के लिए लिखी हैं, अगर आप कुछ इसमें बढ़ाना चाहें तो बताइये, शहीद बहिश्ती भी वहीं बैठे थे, उन्होंने वह सभी बातें जो इस्लामी तालीमात से दूर कर देने वाली थीं उन्हें जवानों की पसंदीदा ज़बान में तालीमाते दीनी के नाम से जमा कर दिया, फिर शहीद बाहुनर ने उसी काम को आगे बढ़ाया।
(3 मार्च 1992 में मआरिफ़े इस्लामी के नाम से T.V. चैनल के अधिकारियों के बीच आयतुल्लाह ख़ामेनई का बयान)


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