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Date of publication : 8/3/2018 18:32
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इमाम ख़ुमैनी र.ह. दुनिया के मशहूर विद्वानों की निगाह में

इमाम ख़ुमैनी र.ह. ने हमारे दौर में अल्लाह के नाम लेने वालों को जगाया है, जिस समय लोग मानवियत को छोड़ कर केवल दुनिया के पीछे भाग रहे थे और जिसे देखो उस पर दुनियादारी हावी थी उस समय आपने दीन और मानवियत को ज़िंदा किया, कहा जा सकता है कि आज के दौर में अगर मानवियत और दीनदारी इस तरह ज़िंदा दिख रही है तो वह इमाम ख़ुमैनी र.ह. के कारण है।
विलायत पोर्टल : इमाम ख़ुमैनी र.ह. की शख़्सियत आज दुनिया में किसी के लिए भी अंजानी नहीं है, दुनिया की बड़ी बड़ी सामाजिक राजनैतिक और इल्मी हस्तियों ने आपके इल्म और राजनीति का लोहा माना है, जिनमें से कुछ महान विद्वानों के आपके बारे में बयान किए गए विचारों को पेश कर रहे हैं।
मोहम्मद हसनैन हैकल
मिस्र के इस मशहूर लेखक का कहना है कि इमाम ख़ुमैनी र.ह. की शख़्सियत इस्लाम के शुरूआती दौर के उन शख़्सियतों जैसी थी जो मोजिज़ों के साथ आए थे, और आपने बनी उमय्या की हुकूमत और अहलेबैत अ.स. के शहीद हो जाने के बाद इमाम अली अ.स. की पैरवी करने वालों का नेतृत्व किया।
शैख़ मोहम्मद तंतावी
अल-अज़हर यूनिवर्सिटी मिस्र के पूर्व मुफ़्ती-ए-आज़म का कहना है कि इमाम ख़ुमैनी र.ह. उन लोगों में से थे जिनको अल्लाह ने दूसरों को फ़ायदा पहुंचाने वाला इल्म और समय से भी आगे की सोंच और अक़्ल दी थी। दीवान हद्दाद मास विश्वविद्धालय के प्रोफ़ेसर का कहना है कि अमेरिका वालों की निगाह में इस्लाम का असली चेहरा इमाम ख़ुमैनी र.ह. द्वारा ही पहचाना गया है।
आयतुल्लाह बाक़िर-अल-सद्र र.ह.
 शहीद सद्र र.ह. फ़रमाते हैं कि इमाम ख़ुमैनी र.ह. की शख़्सियत में इस तरह डूब जाओ जैसे वह इस्लाम में डूबे हुए हैं। पिछले 1400 सालों के इतिहास में पैग़म्बर स.अ. की उम्मत में कम ही ऐसे लोग मिलेंगे जिन्होंने समाज पर इतना गहरा प्रभाव डाला हो।
क्लाउस ब्रीडिंग
आस्ट्रिया के मशहूर लेखक लिखते हैं कि इमाम ख़ुमैनी र.ह. मुसलमानों के बहुत से विद्वानों के अनुसार अपने दौर के इकलौते ऐसे इंसान थे जिन्होंने लोगों को ख़ुद को पहचानने की ओर दावत दी, और आप ही की वह शख़्सियत थी जिसने मुसलमानों में नई ऊर्जा पैदा कर दी थी।
वैलेन्टिन प्रोसाकोव
रूस के इस मशहूर विद्वान ने इमाम ख़ुमैनी र.ह. को इंसान को नए युगों की ख़ुशख़बरी देने वाला बताते हुए कहा कि इस युग में इंसान की रूह को ताज़ा करने के लिए हर चीज़ से ज़्यादा मानवियत की आवश्यकता है।
एंथोनी गिडेंस
इंग्लैंड के मशहूर समाजिक विशेषज्ञ, ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के बाद सन् 80 से दुनिया ने करवट ली और लोगों में दीनदारी का जज़्बा बढ़ता दिखाई देने लगा। प्रोफ़ेसर याओस ऊसोस
इमाम ख़ुमैनी र.ह. ने हमारे दौर में अल्लाह के नाम लेने वालों को जगाया है, जिस समय लोग मानवियत को छोड़ कर केवल दुनिया के पीछे भाग रहे थे और जिसे देखो उस पर दुनियादारी हावी थी उस समय आपने दीन और मानवियत को ज़िंदा किया, कहा जा सकता है कि आज के दौर में अगर मानवियत और दीनदारी इस तरह ज़िंदा दिख रही है तो वह इमाम ख़ुमैनी र.ह. के कारण है।
एंटोनियो मुरानो
स्पेन के इस लेखक ने लिखा कि इस बात में कोई शक नहीं कि आज पूरी दुनिया इमाम ख़ुमैनी र.ह. द्वारा लाए गए इंक़ेलाब की मानवियत से प्रभावित है।
लेंसल
आस्ट्रिया के इस प्रोफ़ेसर के अनुसार इमाम ख़ुमैनी र.ह. ने अल्लाह से क़रीब होने के लिए एक नई राह दिखाई, और लोगों की मदद से इस्लामी इंक़ेलाब को कामयाब बनाया, और आपके द्वारा लाए गए इंक़ेलाब से मानव जाति के विकास को भी बदल कर रख दिया।
गोर्बाचोफ

सोवियत संघ के अंतिम राष्ट्रपति कहते हैं कि अगर हम ने इमाम ख़ुमैनी र.ह. की बातों को गंभीरता से लिया होता तो आज हम रूस को इतने टुकड़ों में बंटा हुआ न देख रहे होते, आयतुल्लाह ख़ुमैनी र.ह. ने दुनिया वालों पर बहुत गहरा प्रभाव छोड़ा है, मेरा मानना है कि आप की सोंच ज़माने से बहुत आगे थी और उनकी शख़्सियत को किसी ख़ास दौर से विशेष नहीं किया जा सकता।
हेनरी क्रांक
अमेरिका की ओर से ईरान मे 1972 से 1978 के बीच राजदूत के पद पर रहने वाले हेनरी क्रांक के अनुसार बेशक इमाम ख़ुमैनी इतिहास की एक महान हस्ती का नाम है, आज बहुत कम ऐसे लोग मिलेंगे जो लोगों को अपनी ओर इस हद तक आकर्षित कर सकें, आपने न केवल ईरान बल्कि ईरान से बाहर भी लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया था।
हेक

अमेरिका का विदेश मंत्री इमाम ख़ुमैनी र.ह. की राजनिति से घबरा कर कहता है कि आख़िर कैसे इमाम ख़ुमैनी र.ह. के इस इस्लामी इंक़ेलाब को रोका जाए, जमारान से बोलने वाले इस बुज़ुर्ग ने हमें पागल कर दिया है।
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