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Code : 196827
Date of publication : 5/12/2018 16:48
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इस्राईल के आंतरिक संकट से भागे नेतन्याहू हिज़्बुल्लाह के चक्रव्यूह में उलझे ।

इस बात की भी संभावना है कि ज़ायोनी सेना का यह अभियान सिर्फ अराजकता एवं डर फ़ैलाने के लिए हो क्योंकि ग़ज़्ज़ा में शर्मनाक हार का मुँह देखने वाले इस्राईल को हिज़्बुल्लाह की शक्ति का भलीभांति अहसास है ।
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी एक अनुसार अपने पूरे राजनैतिक करियर में सबसे बड़े संकट का सामना कर रहे ज़ायोनी नेता नेतन्याहू के लिए कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है । ज़ायोनी राष्ट्र की आंतरिक स्थिति से विश्व समुदाय का ध्यान भटकने के लिए नेतन्याहू ने हिज़्बुल्लाह की तथाकथित सुरंगों को नष्ट करने के लिए सैन्य अभियान की बाते कहीं लेकिन वास्तविकता यह है कि ज़ायोनी नेता इस्राईल में जारी राजनैतिक संकट से विश्व समुदाय का ध्यान हटाना चाह रहे है। पूर्व युद्ध मंत्री लिबरमैन के इस्तीफ़ा देते ही इस्राईल में उपजे राजनैतिक गतिरोध को नेतन्याहू ने नफ्ताली बेनेट के साथ मिलकर हल करने की कोशिश की लेकिन नफ्ताली बेनेट के संभावित फैसले ने नेतन्याहू की सरकार को गिराने की संभावना बढ़ा दी है जिससे भागने के लिए नेतन्याहू ने यह ड्रामा रचा है । 'ज़ायोनी पुलिस की ओर से नेतन्याहू और उनकी पत्नी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों ने नेतन्याहू के राजनैतिक करियर को समाप्ति की ओर धकेल दिया है जिस से बचने के लिए मिडिल ईस्ट एक कसाई के नाम से कुख्यात नेतन्याहू क्षेत्र में किसी युद्ध की शुरुआत से भी नहीं हिचकिचाएगा । वहीं इस बात की भी संभावना है कि ज़ायोनी सेना का यह अभियान सिर्फ अराजकता एवं डर फ़ैलाने के लिए हो क्योंकि ग़ज़्ज़ा में शर्मनाक हार का मुँह देखने वाले इस्राईल को हिज़्बुल्लाह की शक्ति का भलीभांति अहसास है । नेतन्याहू का उद्देश्य कुछ भी हो लेकिन यह बात भलीभांति समझ लेना चाहिए कि तल अवीव के आंतरिक संकट से भागना वाला ज़ायोनी नेता हिज़्बुल्लाह के जाल में फंस चुका है ।
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