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Date of publication : 30/1/2019 10:25
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ज़ायोनी इतिहासकारों ने भी माना , 50 साल से अधिक बाक़ी नहीं रह सकता इस्राईल ।

हम खुद को यहूदी राष्ट्र कहते हैं लेकिन एक समाज पर अवैध रूप से क़ाबिज़ हैं 21 वीं सदी में यह अधिक दिन नहीं चलने वाला, फिलिस्तीनी जनता के अपने अधिकारों की प्राप्ति के साथ ही यह राष्ट्र ख़त्म हो जाएगा।
विलायत पोर्टल :  प्राप्त जानकारी के अनुसार अपने असितत्व की जंग लड़ रहा अवैध राष्ट्र इस्राईल इस समय अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है जहाँ एक ओर अवैध राष्ट्र को उसके अत्याचारों के प्रयाश्चित स्वरूप प्रतरोधी आन्दोलाओं का समाना करना पड़ रहा हैं वहीँ आंतरिक मोर्चे पर भी गंभीर संकट से जूझ रहा है । कुछ साल पहले ही ईरान के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा था कि अगले 25 साल में इस्राईल नामक कोई देश नहीं होगा आयतुल्लाह ख़ामेनई की इस भविष्यवाणी ने इस्राईल समेत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी थी अब खुद ज़ायोनी अधिकारियों और बुद्धिजीवियों को लगने लगा है कि वास्तव में इस्राईल का अंत नज़दीक आ गया है । प्रख्यात इस्राईली इतिहासकार बनी मौरिस ने हारेत्ज़ को दिए इंटरव्यू में इस्राईल एक अंधकारमय भविष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्राईल का भविष्य उज्जवल नहीं है उन्होंने कहा कि भूमध्य सागर से लेकर जॉर्डन तक अरब बाहुल्य क्षेत्र है और जल्दी ही यह क्षेत्र एक देश के रूप में होगा। हम खुद को यहूदी राष्ट्र कहते हैं लेकिन एक समाज पर अवैध रूप से क़ाबिज़ हैं 21 वीं सदी में यह अधिक दिन नहीं चलने वाला, फिलिस्तीनी जनता के अपने अधिकारों की प्राप्ति के साथ ही यह राष्ट्र ख़त्म हो जाएगा।
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